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Wednesday, March 25, 2020

Coronavirus Treatment: क्‍या HIV, स्‍वाइन फ्लू और मलेरिया की दवाओं से ठीक हो रहे हैं COVID-19 के मरीज?

दुनिया कोरोनावायरस बीमारी के लिए प्रभावी उपचार विकल्प खोजने की कोशिश कर रही है।
फरवरी में, थाइलैंड के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया था कि उन्होंने कोरोनोवायरस बीमारी का इलाज ढूंढ लिया है।
कोरोनावायरस मरीजों का इलाज केरल में एचआईवी ड्रग्स टेस्ट निगेटिव के साथ किया जा रहा है.
इस से पहले राजस्‍थान में भी एचआईवी, स्वाइन फ्लू और मलेरिया दवाओं के खास कॉम्बिनेशन से COVID-19 संक्रमितों को ठीक किया जा चुका है. 
देश के हेल्‍थ सेक्‍टर की सबसे बड़ी रिसर्च संस्‍था इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने हाल ही में एचआईवी, स्‍वाइन फ्लू और मलेरिया की दवाओं के कॉम्बिनेशन से COVID-19 के इलाज की मंजूरी दे दी है.
Coronavirus treatment
Coronavirus patients responded well to the combination of HIV, swine flu, and malaria drugs: doctors say

Are COVID-19 Patients Treated with HIV, Swine Flu, and Malaria Drugs?

एचआईवी, स्वाइन फ्लू और मलेरिया दवाओं के खास कॉम्बिनेशन से कोरोना के मरीज का इलाज

कोरोनोवायरस रोगियों के उपचार में स्वाइन फ्लू, मलेरिया और एचआईवी के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं से मदद मिल सकती है।

केरल में COVID-19 का इलाज एचआईवी ड्रग्स टेस्ट निगेटिव के साथ किया जा रहा है

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने COVID-19 रोगियों के केस-टू-केस आधार पर इलाज करने के लिए एंटी-एचआईवी ड्रग संयोजन के उपयोग की सिफारिश की थी।

एक ब्रिटिश नागरिक जिसने कोरोनावायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था और उसे एचआईवी एंटीरेट्रोवाइरल दवाओं का परीक्षण किया गया था, अब नकारात्मक परीक्षण किया है, केरल के कोच्चि में एरणाकुलम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने आज कहा।

अस्पताल के एक बयान में कहा गया कि मरीज ने रितोनवीर (Ritonavir) और लोपिनवीर (Lopinavir) के ड्रग्स के संयोजन का अच्छी तरह से जवाब दिया और उनके नवीनतम परीक्षण के परिणामों ने दिखाया कि उन्होंने वायरस के लिए नकारात्मक परीक्षण किया है।
डॉक्टरों ने कहा कि जिस मरीज को सात दिनों तक ड्रग्स दिया गया था, उसका इलाज प्रभावी था। ड्रग्स देने के तीन दिन बाद उनके नमूनों के परीक्षण का परिणाम नकारात्मक लौट आया।

डॉक्टरों ने 23 मार्च को दूसरे परीक्षण परिणाम के बाद उसकी बरामदगी का खुलासा भी नकारात्मक किया।
अधिकारियों ने कहा कि केरल में पहली बार HIV एंटीरेट्रोवायरल दवा का इस्तेमाल COVID-19 रोगियों के इलाज के लिए किया गया है।

केरल राज्य चिकित्सा बोर्ड (Kerala State Medical Board) ने निमोनिया से पीड़ित रोगी पर प्रशासन को दवाओं का उपयोग करने की अनुमति दी थी।
जिला कलेक्टर एस सुहास ने दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए पहल की थी और डॉक्टरों ने रोगी की सहमति प्राप्त करने के बाद उपचार प्रोटोकॉल को संशोधित किया।

उपचार डॉक्टरों की एक टीम के नेतृत्व में किया गया था। इसका नेतृत्व मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल थॉमस मैथ्यू (Thomas Mathew) ने किया था।

जयपुर में इन दवाइयों के खास कॉम्बिनेशन से COVID-19 संक्रमितों को ठीक किया जा चुका है

जयपुर के एक अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के लिए पहले से ही दवा संयोजन का उपयोग किया गया था, जब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने इसका उपयोग करने की अनुमति दी थी।
एक महिला जो इटली से आए 23 सदस्‍यीय ग्रुप के साथ राजस्‍थान आई थी. इस ग्रुप में कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. 
कोरोना वायरस की दवा ढूंढ निकालने के दावों के बीच राजस्थान के जयपुर में सवाई मान सिंह हॉस्पिटल (SMS Hospital) में डॉक्टरों ने उस संक्रमित महिला को HIV,  स्वाइन फ्लू और मलेरिया की दवाओं से ठीक कर दिया था. 
COVID-19 टेस्ट में उस महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी. स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रोहित कुमार ने बताया कि एसएमएस हॉस्पिटल ने महिला का एचआईवी की दवाओं (लोपिनाविर 200mg या रिटोनाविर 50mg) से इलाज किया. 

थाइलैंड में इन दवाओं के कॉम्बिनेशन से ठीक हुए कोरोना के मरीज

फरवरी में थाइलैंड के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया था कि उनके पास कोरोना वायरस से निपटने के लिए इंजेक्शन है।
उन्‍होंने कहा कि इस इंजेक्‍शन के इस्‍तेमाल से COVID-19 के मरीज को आराम हो रहा है और रिकवरी में भी बहुत कम समय लग रहा है।
 कुछ दिन पहले कोरोना वायरस से प्रभावित एक चीनी महिला का इलाज करने वाले थाई डॉ. क्रिएंगसक एटिपोर्नवानिच ने बताया कि 71 साल की बीमार महिला को एंटी-वायरल के कंबिनेशन से बनी दवा दी गई, जिससे वो ठीक हो गई. इस दवा को फ्लू और HIV के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटी-वायरल (antiviral drugs) के मिश्रण से बनाया गया. इलाज के 48 घंटे बाद हुए लैब टेस्ट में महिला कोरोना वायरस निगेटिव पाई गई।

डॉक्टर क्रिएंगसक एटिपोर्नवानिच ने बताया कि थाईलैंड में COVID-19 के कई संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट आए हैं।
वहीं, दवाओं के इस संयोजन के माध्यम से कुछ लोगों का इलाज किया जा रहा है।
थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि डॉक्टरों ने एंटी-फ़्लू दवा ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) को लोपिनाविर (lopinavir) और रिटोनाविर (ritonavir)के साथ मिलाया था.  इन दवाओं का उपयोग एचआईवी और फ्लू को ठीक करने के लिए किया जाता है।

ICMR ने कॉम्बिनेशन की मंजूरी दी है

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने हाल में एचआईवी, स्‍वाइन फ्लू और मलेरिया की दवाओं के कॉम्बिनेशन से COVID-19 के मरीजों के इलाज की मंजूरी दी है. 
ICMR ने कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए एचआईवी/एड्स के उपचार में इस्‍तेमाल होने वाली लोपिनाविर (Lopinavir) और रिटोनाविर (Ritonavir) समेत 58 एक्टिव फार्मास्‍यूटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) के इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी है. 
सरकार ने सभी राज्‍यों के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशंस (FDA) से कहा है कि सभी दवा निर्मातओं से ICMR की ओर से जारी 58 API की उपलब्‍धता के बारे में पड़ताल करें. 
कुछ घरेलू दवा निर्माताओं का कहना है कि देश में इन API का सिर्फ दो महीने का ही स्‍टॉक बचा है. भारत इन API का 65-70 फीसदी आयात चीन से ही करता है.

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